Sitafal Ki Kheti: कम लागत में सीताफल की खेती करके कमाए लाखों रुपए

Sitafal Ki Kheti: ठंड के मौसम में शरीफा का स्वाद हमें बहुत अच्छा लगता है। शरीफा अंदर से बुरे दार और ऊपर से सख्त होता है। शरीफा को सीताफल के नाम से भी जाना जाता है। यह एक स्वादिष्ट और मीठा फल है और इसमें कई प्रकार के औषधि गुण भी पाए जाते हैं। सीताफल में विटामिन और आयरन जोर मात्रा में पाए जाते हैं। सीताफल में कई रोबो से लड़ने की क्षमता होती है या हमारे पेट के लिए और त्वचा के लिए बहुत ही अच्छा होता है।

सीताफल को खाने से अस्थमा, बीपी, शुगर जैसे बहुत सी बीमारियां दूर हो जाती है। यह फल वजन बढ़ाने के साथ-साथ पाचन क्रिया में भी बहुत मदद करती है। दोस्तों आप ही से अपने घर के बाड़ी में अच्छे से उगा सकते हैं। सीताफल की खेती आप बहुत ही कम लागत में शुरू करके बहुत अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। आजकल ऐसे बहुत सारे किसान भाई है जो सीताफल की खेती करके लाखों करोड़ों रुपए कमा रहे हैं।

तो दोस्तों आज के इस पोस्ट में आपको बताने वाली हूं कि सीताफल की खेती कैसे करें। तो दोस्तों आप हमारे इस पोस्ट को शुरू से अंत तक ध्यान पूर्वक जरूर पढ़ें।

सीताफल की खेती के लिए आवश्यक जलवायु

सीताफल की खेती के लिए सामान्य जलवायु की जरूरत पड़ती है। नहीं तो ज्यादा ठंड की जरूरत पड़ती है और ना ही ज्यादा गर्मी की। सीताफल की खेती ज्यादा ठंड पड़ने वाले इलाकों में नहीं करना चाहिए। सीताफल की खेती के लिए गर्म मौसम बहुत ही फायदेमंद होता है।

सीता के पौधे को आप शुष्क जलवायु में बहुत ही आसानी से उठा सकते हैं। गर्मी के दिनों में इसके पौधे बहुत जल्दी से बढ़ जाते हैं और इसके फूल आने का समय मौसम भी उसका होना चाहिए। सीताफल का पौधा बहुत ही ज्यादा कठोर होता है। सीताफल का फूल 40 डिग्री से ज्यादा तापमान होने के कारण झड़ने लगते हैं।

सीताफल की खेती में ध्यान रखने वाली जरूरी बातें

• गर्मी के दिनों में 15 दिन के भीतर सिंचाई करते रहना चाहिए।

• सीता फल के पौधे की रोपाई करने के बाद सिंचाई करते रहना चाहिए।

• सीताफल की अच्छी पैदावार के लिए रसायनिक उर्वरक और जैविक उर्वरक समय-समय पर डालते रहना चाहिए।

• सीताफल के पौधे को शाम के समय ही लगाना चाहिए।

• छोटे, सीधे और स्वास्थ्य पौधे ही लगाने चाहिए।

• फरवरी-मार्च या जुलाई अगस्त के महीने में सीता का पौधा लगाना चाहिए।

• सीता फल लगाने के लिए कलमी पौधे का उपयोग करना चाहिए।

सीताफल की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी

सीताफल की खेती आप किसी भी प्रकार की मिट्टी में उगा सकते हैं लेकिन सीताफल की खेती के लिए दोमट मिट्टी सबसे ज्यादा उपयोगी मानी जाती है। इस फल को लगाने के लिए ज्यादा पानी की जरूरत भी नहीं पड़ती है। सीताफल के पौधे को ऐसे जगह लगाएं जहां पर ज्यादा पानी का जमाव ना हो।

सीताफल की खेती का समय

सीताफल के पौधे को गर्मी के दिनों में ही लगाना चाहिए। ठंड के मौसम में यह बहुत ज्यादा सख्त हो जाते हैं इसलिए पक भी नहीं है। सीताफल के फूल के लिए गर्मी का मौसम बहुत ही फायदेमंद होता है। मानसून आने से पहले ही सीताफल बनने लगता है।

सीताफल की खेती में सिंचाई

सीताफल के पौधे को बरसात के मौसम में बिल्कुल भी सिंचाई करने की जरूरत नहीं होती है लेकिन बीच-बीच में आपको सिंचाई करते रहना चाहिए। खास तौर पर गर्मी के दिनों में सीता के पौधे को पानी जरूर देना चाहिए वही ठंड के मौसम में आप हफ्ते में एक बार सिंचाई कर सकते हैं। सीताफल के पौधे को उर्वरक की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ती है लेकिन अच्छी पैदावार के लिए नाइट्रोजन, पोटाश, सड़ी हुई गोबर की खाद डाल सकते हैं।

सीताफल की खेती में लगने वाली लागत और कमाई

दोस्तों अगर आपने सीताफल की खेती करना शुरू किया है तो सीताफल का पौधा 2 से 3 सालों बाद फल देना शुरू कर देता है। सीताफल के पौधे के लिए आपको बहुत ज्यादा इन्वेस्टमेंट करने की जरूरत नहीं है। 1 एकड़ की खेती में सीता का फल लगभग 8 से 10 टन फल प्राप्त होता है। सीता का पौधा शुष्क मौसम में काफी तेजी से फैलते हैं।

सीताफल की मांग बाजार में काफी ज्यादा रहती है। सीताफल की खेती से आप अपने इन्वेस्टमेंट को छोड़कर प्रति एकड़ 6 से 7 लाख आसानी से कमा सकते हैं।

निष्कर्ष

आज के इस पोस्ट में हमने आपको “सीताफल की खेती ( Sitafal ki Kheti)” कैसे करें के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की है अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों को और फैमिली के साथ शेयर जरूर करें तो दोस्तों आज के लिए बस इतना ही मिलते हैं अगले पोस्ट पर तब तक के लिए Lot’s of Love Jharna Chaudhary

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