सिर्फ 2 महीनों में लखपति बनाएगी हरी प्याज की खेती, प्रति हेक्टेयर होगा 500 क्विंटल से भी ज्यादा उत्पादन, जानिए इस खेती के बारे में पूरी जानकारी

Hare Pyaz Ki Kheti: नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे आज के इस पोस्ट में। मैं आशा करती हूं कि आप सभी बहुत अच्छे होंगे। जैसा की आप सभी को पता है हमारे देश में सभी किसान भाई प्याज की खेती बड़े लेवल पर करते हैं। लेकिन दोस्तों ऐसे कुछ किसान होते हैं जो हरे प्याज की खेती करते हैं। हरे प्याज की खेती करके सभी किसान भाई अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं। आपको बता दे की हरे प्याज को कन्दीय फल कहा जाता है। जो बिल्कुल लहसुन की पौधे की तरह दिखाई देता है। हरे प्याज के पौधे की पत्तियां नुकीली और सीधी होती है।

हरे प्याज का उपयोग ज्यादातर सब्जी, सलाद और अचार बनाने के लिए किया जाता है। इसके साथ ही मांसाहारी और शाकाहारी भोजन में भी इसका उपयोग किया जाता है। हरे प्याज की खेती मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक और गुजरात में की जाती है। तो दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम आपको प्याज की खेती के बारे में पूरे विस्तार से जानकारी देने वाले हैं तो आप हमारे इस पोस्ट को शुरू से अंत तक ध्यान पूर्वक जरूर पढ़ें।

जानिए हरे प्याज के औषधीय गुणों के बारे में

हरे प्याज में विटामिन, मैग्नीशियम, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, कॉपर, आदि पाए जाते हैं। पुराने समय से ही चीन में इसका उपयोग अलसी के रूप में किया जाता रहा है। हरे प्याज खाने से कैंसर की रोकथाम, दिल स्वस्थ, डायबिटीज कंट्रोल, आंख स्वस्थ और हड्डियां मजबूत होती है।

हरे प्याज की नर्सरी तैयार करने की आसान टिप्स

हरे प्याज का पौधा बीज के द्वारा क्यारियों में बोया जाता है। पौधों को दो पंक्तियों के बीच चार से पांच सेंटीमीटर की दूरी और दो बीजों के बीच एक से दो मिली मीटर की दूरी पर बोया जाता है।

इसके बाद पंक्तियों में खाद को छिड़क कर बीच को अच्छी तरह से ढक दें और नमी होने तक सिंचाई करते रहे। 10 से 15 दिनों के अंदर बीज अंकुरित हो जाएगा इसके बाद 25 से 30 दिनों में हरे प्याज का पौधा रोपने के लिए तैयार हो जाएगा।

हरे प्याज का बुवाई और सिंचाई

हरे प्याज की बुवाई सितंबर और नवंबर के बीच की जाती है जबकि पहाड़ी स्थान पर हरे प्याज की बुवाई मार्च और अप्रैल के बीच में किया जाता है।

हरे प्याज की पौधे की रोपाई के बाद पहली सिंचाई और उसके बाद 10 से 12 दिनों के भीतर करना चाहिए। इस प्रकार 10 से 15 बार सिंचाई की जरूरत होती है।

हरे प्याज की खेती के लिए बीज और जलवायु

हरे प्याज की खेती करने के लिए प्रति हेक्टेयर बीज की मात्रा 10 किलो लगेगी। ठंडी जलवायु वाला स्थान प्याज की खेती के लिए उपयुक्त मानी जाती है क्योंकि ठंड में काफी लंबे समय तक प्याज की वृद्धि अच्छी तरह से होती है।

हरे प्याज की खेती के लिए जमीन और खेत की तैयारी

हरे प्याज की खेती के लिए बलुई दोमट और अच्छी जल निकासी के लिए जीवांश युक्त मिट्टी उपयोग में लाना चाहिए।

हरे प्याज की खेती करने से पहले खेत को हल या ट्रैक्टर से 2 से 3 बार जुताई जरूर करना चाहिए। जिसे सभी प्रकार के घास अच्छी तरह से नष्ट हो जाए और मिट्टी बारीक हो जाए। जुताई करने के बाद मिट्टी भुरभुरी हो जाए और आपके खेत में बिल्कुल भी ढेले ना रहे।

हरे प्याज की खेती के लिए खाद उर्वरक और खरपतवार नियंत्रण

हरे प्याज की अच्छे उत्पादन के लिए 100 किलो यूरिया, 60 किलो पोटाश, 80 किलो फास्फोरस और 8 से 10 टन साड़ी गोबर की खाद डालना चाहिए। खेत की जुताई करते समय गोबर को मिले।

आखरी बार जुताई के समय यूरिया की आधी मात्रा और पोटाश, फास्फोरस की पूरी मात्रा अच्छी तरह से समय में मिला दे और मिट्टी में अच्छी तरह से मिलाएं। यूरिया की बची हुई मात्रा को 25-25 दोनों के बाद तीन बार करके डालें।

हरे प्याज की फसल की कटाई और उत्पादन

जब हरे प्याज का ताना 2 से 3 सेंटीमीटर मोटा हो जाता है तो आपको इसे उखाड़ लेनी चाहिए।

प्रत्येक पौधे से 125 से 150 ग्राम पत्तियां प्राप्त होती है। इस प्रकार दोस्तों प्रति हेक्टेयर 400 से 500 क्विंटल उत्पादन प्राप्त होता है। ऐसे में दोस्तों आप हरे प्याज की खेती करके लाखों रुपया आसानी से कमा सकते हैं।

निष्कर्ष

आज के इस पोस्ट में हमने आपको प्याज की खेती के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की है अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों और फैमिली के साथ शेयर जरूर करें। तो दोस्तों आज के लिए बस इतना ही मिलते हैं अगले पोस्ट पर तब तक के लिए Lot’s of love Jharna

ऐसे ही पशुपालन, खेती किसानी, बिजनेस आइडिया के बारे में जानने के लिए आज ही नोएडा जॉब वेबसाइट पर विजिट करें।

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