Carambola Farming: एक बार इस फसल की खेती करके 100 साल तक कमाओ लाखों रुपए, जानिए इस खेती से जुड़ी पूरी जानकारी

Carambola Farming: नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे आज के इस पोस्ट में। मैं आशा करती हूं कि आप सभी बहुत अच्छे होंगे। पूरे विश्व में ऐसे बहुत सारे देश हैं जहां कमरख की खेती की जाती है इसे स्टार फ्रूट भी कहते हैं। यह एक औषधि फल है। पूरी दुनिया भर में स्टार फ्रूट बहुत ही ज्यादा फेमस है। सभी किसान भाई इसकी खेती करके लाखों का मुनाफा कमा सकते हैं। तो दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम आपको कमरख यानी यानी स्टार फ्रूट की खेती के बारे में पूरी विस्तार से जानकारी देने वाले हैं तो आप हमारे इस पोस्ट को शुरू से अंत तक ध्यान पूर्वक जरूर पढ़ें।

जानिए कमरख की खेती कहां की जाती है?

कमरख की उत्पत्ति भारतीय महाद्वीप के श्रीलंका या हिंदी सिया में हुई है। विश्व में इसकी खेती अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण एशिया में 12 महीना की जाती है। इसके अलावा इंडोनेशिया, श्रीलंका, भारत, बांग्लादेश, फिलीपींस आदि देशों में भी इसकी खेती की जाती है। भारत में कमरख यानी स्टार फ्रूट की खेती महाराष्ट्र, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में की जाती है।

कमरख की खेती के लिए जलवायु एवं मिट्टी

कमरख की खेती के लिए उपोषण एवं उष्णकटिबंधीय उपयुक्त मानी जाती है। गर्मी के मौसम में इसका पेड़ बहुत तेजी से बढ़ता है। स्टार फ्रूट का पेड़ समुद्र तल से 12 मीटर की ऊंचाई तक के क्षेत्रों में आसानी से उगाया जा सकता है। लेकिन दोस्तों पाला गिरने वाले स्थान में इसकी पैदावार पर विपरीत प्रभाव पड़ती है। इसकी खेती के लिए मिट्टी का पीएच मान 5.5 से 6.5 के बीच होना चाहिए। कमरख की अच्छी पैदावार के लिए जलोढ़ मिट्टी बेहतर मानी जाती है। जहां पर भी कमरख की खेती की जाती है वहां पर जल निकास का उचित प्रबंध जरूर होनी चाहिए।

कमरख की उन्नत किस्में

कमरख की कोई खास प्रजाति यह किम नहीं होती है। इसके खट्टे और मीठे स्वाद के आधार पर इसके किस्म की पहचान की जा सकती है। दोस्तों इस प्रकार कमरख की केवल दो किस्में पाई जाती है पहले खट्टी और दूसरी मीठी

कमरख की खेती के लिए तैयारी

दोस्तों अगर आप कमरख की खेती करना चाहते हैं तो आपको इसके पौधे को लगाने से पहले जमीन की अच्छी तरह से साफ सफाई कर लेना चाहिए। ट्रैक्टर से दो से तीन बार खेत की अच्छी तरह से जुताई कर लेनी चाहिए। इसके अलावा पता लगाकर मिट्टी को बराबर कर लेना चाहिए। इसके बाद बरसात लगने के 1 महीने पहले खेत में गड्ढे खोद लेना चाहिए और इन गड्ढों की दूरी 8×8 मीटर की दूरी होनी चाहिए।

कमरख की खेती के लिए पौधे की रोपाई

बरसात की शुरुआत में खोदे गए गड्ढों में पौधे की रोपाई कर देनी चाहिए। रोपाई करते समय 5 किलोग्राम गोबर की खाद और मिट्टी के साथ गधों में ऊपर तक अच्छी तरह से भर देनी चाहिए इसके साथ ही पेड़ का थाला भी अच्छी प्रकार से बना देना चाहिए। इंसानों की रोज दिन अच्छे से सफाई और नींद आई करनी चाहिए जिससे पौधे जल्दी से बढ़े।

कमरख ककी खेती के लिए खाद एवं उर्वरक

कमरख का पेड़ बहुत दिनों तक रहता है जो पूरे साल अच्छे से फल देता है इसलिए पूरे साल पोषक तत्वों की जरूरत होती है। कमरख के प्रत्येक पेड़ से अच्छी पैदावार के लिए साल भर में कम से कम 50 किलोग्राम गोबर की सड़ी हुई खाद जरूर डालना चाहिए। दोस्तों अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको बिल्कुल भी रसायनिक खाद डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन फिर भी भूमि का परीक्षण करके आप रसायनिक खाद का भी प्रयोग कर सकते हैं।

कमरख के पौधों की सिंचाई

पौधों की अच्छी तरह से रोपाई करने के बाद कमरख की हल्की सिंचाई करनी चाहिए दोस्तों वैसे बारिश के दिनों में इसकी सिंचाई करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं पड़ती है। लेकिन गर्मी के दिनों में 15 दिनों के अंदर सिंचाई जरूर करना चाहिए।

कमरख की फल की तुड़ाई

कमरख की फल की तुड़ाई फल कें पकने पर ही करना चाहिए। पके हुए फलों को सावधानी पूर्वक तोड़ना चाहिए ताकि उसको किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। तुड़ाई करने के बाद फल को अच्छी प्रकार से पानी में धोकर बाजार में बेचना चाहिए इसकी कीमत अच्छे मिलते हैं।

कमरख की पैदावार

कमरख के एक पेड़ से तकरीबन 100 किलोग्राम फल प्राप्त होता है।

निष्कर्ष

दोस्तों आज के इस पोस्ट में हमने आपको “कमरख यानी स्टार फ्रूट के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की है अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों और फैमिली के साथ शेयर जरूर करें। तो दोस्तों आज के लिए बस इतना ही मिलते हैं अगले पोस्ट पर तब तक के लिए Lot’s of Love Jharna Chaudhary

ऐसे ही पशुपालन, खेती किसानी, बिजनेस आइडिया के बारे में पूरी जानकारी जाने के लिए आज ही नोएडा जॉब वेबसाइट पर विजिट करें।

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