Best Goat Breeds: बकरी की ये 5 उन्नत नस्ले, जिनका पालन करके आप कमा सकते हैं लाखों रुपए

Best Goat Breeds: नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे आज के इस पोस्ट में। मैं आशा करती हूं कि आप सभी बहुत अच्छे होंगे। दोस्तों आज के समय में हमारे देश में बकरी पालन का बिजनेस जोर शोर से किया जा रहा है। बकरियों की देखभाल और उसकी रखरखाव करना बहुत ही आसान होता है। सभी किसान भाई एक अच्छी नस्ल का बकरी पालन करके कम निवेश में भी बंपर कमाई कर सकते हैं।

तो दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम आपको बकरी की 5 उन्नत नस्ल के बारे में बताने वाले हैं जिसे आप पालकर बहुत ही कम समय में लाखों रुपए कमा सकते हैं। तो दोस्तों आप हमारे इस पोस्ट को शुरू से अंत तक ध्यान पूर्वक जरूर पढ़ें।

1. जमुनापारी बकरी

जमुनापारी नस्ल की बकरी को भारत में पाले जाने वाली सभी बकरियो से वेदर माना जाता है। इस नस्ल की बकरी अन्य नस्ल की बकरियों के मुकाबले बहुत ही ऊंची होती है। यह बकरी मध्य प्रदेश के इटावा और गंगा, चंबल और यमुना नदी के आसपास पाली जाती है।

जमुनापारी नस्ल की बकरी का शरीर लंबा और बेलनाकार होता है। शरीर का रंग लाल और सफेद होता है। शरीर पर घने और लंबे बाल होते हैं। उनके सिर पर छोटे और चौड़े सिंह होते हैं। जमुनापारी नर नस्ल का बकरी का वजन 70 से 80 किलो और मादा बकरी का वजन 50 से 60 किलोग्राम होता है। जमुनापारी नस्ल की बकरियां रोजाना डेढ़ से 2 किलो दूध देती है। इस नस्ल की बकरियां अपने पूरे जीवन काल में 13 से 15 बच्चों को जन्म देती है।

2. सिरोही बकरी

सिरोही नस्ल की बकरी की उत्पत्ति राजस्थान के सिरोही जिला से हुई है। इस नस्ल की बकरी को आप अपने घर के छत पर या जरा कर भी अच्छी तरह से पाल सकते हैं।

इस नस्ल की बकरी का रंग गाढ़ापरा, चमकीला भूरा होता है। इनका शरीर घने बालों से ढकी हुई होती है। मांस और दूध उत्पादन के लिए इस बकरी को पाली जाती है। यह बकरी रोजाना दो से ढाई लीटर दूध देती है।

3. बरबरी बकरी

बरबरी नस्ल की बकरी की उत्पत्ति बारबेरा शहर है जो हिंद महासागर के तटीय क्षेत्र सोमालिया में स्थित है। इस नस्ल की बकरी का पालन भारत में उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में पाया जाता है। बरबरी बकरी के शरीर में छोटे-छोटे बाल होते हैं इस बकरी के कान छोटे और सीधे होते हैं। इस नस्ल की बकरी का आकार छोटा मध्यम और शरीर गठीला होता है। इसका रंग भूरे रंग के साथ सफेद धब्बे और सफेद रंग के साथ भूरे धब्बे होते हैं।

बरबरी नस्ल की बकरी या 1 दिन में एक से डेढ़ लीटर तक दूध देती है। इस बकरी को आप किसी भी जलवायु में आसानी से पा सकते हैं। 9 से 10 महीने में बरबरी बकरी तैयार हो जाती है। अन्य बकरियों के मुकाबले बरबरी बकरी बहुत छोटी और कम ऊंचाई वाली होती है। इस बकरी में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बहुत अच्छी होती है।

4. बीटल बकरी

बीटल नस्ल की बकरी हरियाणा और पंजाब में पाई जाती है। इस नस्ल की बकरी का पालन दूध उत्पादन और मास दोनों के लिए किया जाता है। इनके शरीर पर सफेद और भूरे रंग के धब्बे होते हैं। बकरों में दाढ़ी होती है।

बीटल नस्ल की बकरी एक बार में दो बच्चे को जन्म देती है। बकरों में मांस बहुत अधिक होता है। इस नस्ल की बकरी का कान बहुत लंबी और नाक उठी हुई होती है। सिंग चपटे हुए बाहर और पीछे की तरफ मुड़ी हुई होती है।

5. उस्मानाबादी बकरी

उस्मानाबादी नस्ल की बकरी की उत्पत्ति महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले से हुई है। इसके अलावा महाराष्ट्र के सोलापुर, अहमदनगर, लातूर, परभणी आदि जिलों में भी इस बकरी का पालन किया जाता है। इस नस्ल की बकरी का पालन दूध उत्पादन और मास के लिए किया जाता है।

उस्मानाबादी नस्ल बकरी के दूध में कई औषधि गुण होते हैं। भारतीय बाजार में इसका दूध 100 रुपए लीटर में बिकता है इस नस्ल की बकरी 1 दिन में एक से डेढ़ किलो तक दूध देती है। यह माध्यम आकर की बकरी होती है। इस नस्ल की बकरी का रंग काला होता है। उस्मानाबादी नर का वजन 35 किलोग्राम और मादा का वजन 32 किलोग्राम होता है। इसका मास बाजार में 400 से 500 किलोग्राम तक बिकता है।

निष्कर्ष

तो दोस्तों आज के इस पोस्ट में हमने आपको बकरी की पांच उन्नत नस्ल के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की है अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों और फैमिली के साथ शेयर जरूर करें।

ऐसे ही पशुपालन, खेती किसानी, बिजनेस आइडिया की पूरी जानकारी के लिए आज ही नोएडा जॉब वेबसाइट पर विजिट करें। तो दोस्तों आज के लिए बस इतना ही मिलते हैं अगले पोस्ट पर तब तक के लिए Lot’s of love Jharna Chaudhary

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